तेरी पाज़ेब की तरह बजती ये गेहूँ की बालियाँतेरी हंसी की तरह पसरा ये सरसों का खेत मै देखता रहता हूँ घंटो तक - इस मुस्कुराते खेत कोशायद कही खेत के बीचों बीचतू अचानक उठ जायेऔर मै पीछा करूंगा फिर तेरातुझे पाने की ख़ातिर
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