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चाहो तो आ सकती हो !

अभी बांहे फैला रखी है 
घुटने ज़मीं पे है- 
चाहो तो आ सकती हो !
मेरी बाहों में समां सकती हो !
अभी दिल ने धड़कना शुरू किया है 
और दर्द ज़रा सा भी नहीं -
चाहो तो दर्द बड़ा सकती हो !
मेरी बाहों में समां सकती हो !
अभी सपना शुरू ही हुआ है
आंख अभी लगी ही है-
तुम चाहो तो जगा सकती हो !
मेरी बाहों में समां सकती हो !

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