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बंजारा (गीत ) सर्वाधिकार सुरक्षित

पागल हूँ बंजारा 
यादों में तुम ही हो बस 
ख्वाबों का सहारा ...
धड़कन भी सोएं है 
तुम में बस खोयें है 
आँखों में बादल उमड़े 
जी भर के रोये है 
गाये ये दिल सारा
पागल हूँ आवारा ........
कहने को जग है सारा 
मै हूँ तन्हा का मारा
देखता हु भीड़ में 
है ना कोई तुमसा प्यारा
पागल हूँ बंजारा 
आशिक हूँ आवारा 
यादों में तुम ही हो बस 
ख्वाबों का सहारा ...

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