अब मंदिर मस्जिद जाने लगा हूँ . खुद को ही बहुत सजाने लगा हूँ . गीत प्यार के अब गाने लगा हूँ . आंखो की बारिश में नहाने लगा हूँ . खुशियों के आंसुओ बहाने लगा हूँ . ग़मों के ठहाके लगाने लगा हूँ ....... अब मंदिर मस्जिद जाने लगा हूँ.... क्यों की मुझे प्यार हो गया
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