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यादें उस छोर की ..........

कोई आकर चोरी से
आज फिर रख जाये
मेरी जेब मै
पुराने ताश के पत्ते
कुछ चमकीले पत्थर
दो चार रंगीन धागे
एक अजूबा
छोटा सा डिब्बा
कंचों से भरा
कोई पहना जाये मुझे आज
फटी हुई पेंट
बगेर बटनों की शर्ट
मै बगेरचप्पलों के ही
भाग जाऊँगा
समय के उस पार
जहाँ मेरा बचपन

अब यादों में जीता है ...

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