कोई आकर चोरी सेआज फिर रख जायेमेरी जेब मै पुराने ताश के पत्तेकुछ चमकीले पत्थरदो चार रंगीन धागे एक अजूबा छोटा सा डिब्बाकंचों से भरा कोई पहना जाये मुझे आजफटी हुई पेंट बगेर बटनों की शर्टमै बगेरचप्पलों के ही भाग जाऊँगासमय के उस पारजहाँ मेरा बचपन अब यादों में जीता है ...
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